पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय स्नातक प्रथम वर्ष स्वाध्यायी प्रवेश 2026-27: विनियामक नीति, तिथियाँ एवं आवेदन प्रक्रिया का विस्तृत विश्लेषण
पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय (PRSU), रायपुर ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए स्नातक प्रथम वर्ष के अंतर्गत स्वाध्यायी (Non-Collegiate / Private) पाठ्यक्रमों—बी.ए., बी.कॉम. एवं बी.एससी.—में प्रवेश तथा परीक्षा हेतु ऑनलाइन नामांकन एवं पंजीयन प्रक्रिया को औपचारिक रूप से क्रियान्वित किया है। उच्च शिक्षा में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के राज्यव्यापी अंगीकरण के उपरांत, विश्वविद्यालय ने पारंपरिक एकमुश्त वार्षिक परीक्षा प्रणाली को समाप्त कर स्नातक स्तर पर च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम आधारित सेमेस्टर व्यवस्था को अनिवार्य रूप से लागू किया है। इस नीतिगत बदलाव के कारण स्वाध्यायी छात्रों को भी अब नियमित विद्यार्थियों की भांति प्रथम सेमेस्टर में प्रवेश सह नामांकन कराना अनिवार्य कर दिया गया है।
विनियामक पृष्ठभूमि एवं राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का संरचनात्मक प्रभाव
छत्तीसगढ़ शासन उच्च शिक्षा विभाग के समन्वय से विश्वविद्यालय ने स्वाध्यायी शिक्षा व्यवस्था को औपचारिक उच्च शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से कड़े नियामक मानक स्थापित किए हैं। ऐतिहासिक रूप से अमहाविद्यालयीन छात्रों को केवल वर्ष के अंत में परीक्षा फॉर्म भरने की सुविधा मिलती थी, जिसमें निरंतर अकादमिक जुड़ाव का अभाव रहता था। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत स्वाध्यायी छात्रों को सेमेस्टर चक्र में समाहित करते हुए उनके लिए सतत आंतरिक मूल्यांकन (Continuous Internal Assessment – CIA), कौशल संवर्धन पाठ्यक्रम (SEC), और बहु-विषयक जेनेरिक पाठ्यक्रमों (GE) का अध्ययन अनिवार्य किया गया है।
विश्वविद्यालय का क्षेत्रीय क्षेत्राधिकार रायपुर, बलौदाबाजार-भाटापारा, गरियाबंद, महासमुंद और धमतरी जिलों तक सीमित है। परीक्षा अध्यादेशों के विहित प्रावधानों के तहत स्वाध्यायी परीक्षार्थी के रूप में सम्मिलित होने हेतु अभ्यर्थी का विश्वविद्यालय के इस भौगोलिक क्षेत्राधिकार का मूल निवासी होना अथवा आवेदन पत्र जमा करने की तिथि से कम से कम 12 माह पूर्व से इस क्षेत्र में सामान्य रूप से निवासरत होना अनिवार्य है। छत्तीसगढ़ के अन्य विश्वविद्यालयों अथवा बाह्य राज्यों के मान्यता प्राप्त शिक्षा बोर्डों से आने वाले छात्रों के लिए विश्वविद्यालय की अकादमिक शाखा से पात्रता प्रमाण-पत्र (Eligibility Certificate) तथा बोर्ड से प्रवजन प्रमाण-पत्र (Migration Certificate) प्राप्त कर जमा करना कानूनी रूप से अनिवार्य बनाया गया है।
आधिकारिक अधिसूचना, तिथियाँ एवं समय-सारणी
विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक कार्यालय द्वारा जारी अधिसूचना क्रमांक 2025/परीक्षा/प्रवेश/2026 (दिनांक 08 सितंबर 2026) के माध्यम से स्नातक प्रथम सेमेस्टर स्वाध्यायी पाठ्यक्रमों के लिए ऑनलाइन पंजीयन की तिथियां घोषित की गई थीं। तदुपरांत, छात्रों के व्यापक हित और अन्य तकनीकी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय ने अधिसूचना क्रमांक 2531/परीक्षा/प्रवेश/2026 (दिनांक 30 सितंबर 2026) जारी कर पंजीयन की अंतिम तिथि को विस्तारित किया।
| प्रमुख प्रशासनिक गतिविधि | निर्धारित तिथि / विवरण | विनियामक संदर्भ |
| मूल अधिसूचना जारी होने की तिथि | 08 सितंबर 2026 | अधिसूचना क्र. 2025/परीक्षा/प्रवेश/2026 |
| ऑनलाइन पोर्टल पंजीयन का प्रारंभ | 08 सितंबर 2026 | आधिकारिक पोर्टल पर सक्रिय |
| प्रारंभिक अंतिम तिथि (बिना विलंब शुल्क) | 21 सितंबर 2026 | प्रारंभिक आदेशानुसार |
| विस्तारित अंतिम तिथि (ऑनलाइन आवेदन) | 10 अक्टूबर 2026 | अधिसूचना क्र. 2531/परीक्षा/प्रवेश/2026 |
| महाविद्यालय में हार्ड कॉपी जमा करने की अंतिम तिथि | ऑनलाइन पंजीयन के तत्काल उपरांत कार्य दिवसों में | अग्रेषण केंद्र पर भौतिक सत्यापन |
| प्रथम सेमेस्टर सत्रांत सैद्धांतिक परीक्षा | दिसंबर 2026 – जनवरी 2027 | सेमेस्टर परीक्षा कैलेंडर चक्र |
विश्वविद्यालयीन नियमों के अनुसार निर्धारित अंतिम तिथि के पश्चात किसी भी छात्र को स्वाध्यायी विद्यार्थी के रूप में पंजीकृत होने या परीक्षा में बैठने का अतिरिक्त अवसर प्रदान नहीं किया जाता है। जो परीक्षार्थी निर्धारित अंतिम तिथि तक अपने भरे हुए आवेदन की मुद्रित प्रति संबंधित महाविद्यालय में भौतिक रूप से जमा नहीं करते, उनका ऑनलाइन पंजीकरण स्वतः निरस्त माना जाता है।
पाठ्यक्रमवार पात्रता मानक एवं विषय संरचना
स्नातक प्रथम सेमेस्टर में स्वाध्यायी प्रवेश हेतु अर्हता मानक छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE), केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) अथवा किसी अन्य विधिमान्य राज्य शिक्षा बोर्ड की 10+2 (हायर सेकेंडरी) परीक्षा प्रणाली पर आधारित हैं।
| पाठ्यक्रम | न्यूनतम शैक्षणिक अर्हता | अनिवार्य विषय संरचना एवं शर्तें |
| बी.ए. (B.A.) प्रथम सेमेस्टर |
किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से किसी भी संकाय (कला, विज्ञान, वाणिज्य) में 10+2 उत्तीर्ण। |
मेजर विषय, माइनर विषय, जेनेरिक इलेक्टिव (GE), वैल्यू एडेड कोर्स (VAC), एवं स्किल एनहांसमेंट कोर्स (SEC)। |
| बी.कॉम. (B.Com.) प्रथम सेमेस्टर |
10+2 वाणिज्य अथवा गणित/विज्ञान विषयों सहित न्यूनतम उत्तीर्ण अंक। |
वित्तीय लेखांकन, व्यावसायिक नियमन, व्यावसायिक संप्रेषण एवं संबंधित बहु-विषयक वैकल्पिक पाठ्यक्रम। |
| बी.एससी. (B.Sc.) प्रथम सेमेस्टर |
विज्ञान संकाय (गणित समूह – PCM अथवा जीवविज्ञान समूह – PCB) से 10+2 उत्तीर्ण। |
संबंधित महाविद्यालय में प्रायोगिक प्रयोगशाला की उपलब्धता तथा प्रायोगिक कार्यशालाओं में न्यूनतम अनिवार्य उपस्थिति। |
स्वाध्यायी परीक्षार्थियों के लिए यह समझना अनिवार्य है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत केवल मुख्य सैद्धांतिक विषयों का चयन पर्याप्त नहीं है। महाविद्यालयों में उपलब्ध GE, DSE, VAC एवं SEC पाठ्यक्रमों का आबंटन महाविद्यालय स्तर पर उपलब्ध संकाय क्षमता और छात्र सहमति के आधार पर किया जाता है। विज्ञान संकाय (B.Sc.) के स्वाध्यायी छात्रों को प्रयोगशाला आधारित प्रायोगिक कक्षाओं में सम्मिलित होना अनिवार्य है, जिसके बिना उन्हें प्रायोगिक परीक्षा में बैठने की पात्रता नहीं मिलती।
वित्तीय प्रारूप एवं शुल्क संरचना
विश्वविद्यालय ने स्वाध्यायी छात्रों के लिए ऑनलाइन पंजीयन, परीक्षा शुल्क, उपाधि शुल्क तथा महाविद्यालयीन अग्रेषण प्रभारों को पृथक-पृथक श्रेणियों में विभाजित किया है। यह वित्तीय संरचना ऑनलाइन गेटवे तथा महाविद्यालय काउंटर दोनों माध्यमों में विभाजित है।
| शुल्क का मद | निर्धारित धनराशि (₹) | भुगतान का माध्यम एवं शर्तें |
| ऑनलाइन पंजीयन / नामांकन शुल्क | ₹150 से ₹300 |
ऑनलाइन पोर्टल (नेट बैंकिंग/डेबिट कार्ड/UPI) |
| उपाधि प्रमाण पत्र शुल्क (Degree Certificate Fee) | ₹350 |
पंजीयन के समय ऑनलाइन पोर्टल पर सभी छात्रों हेतु अनिवार्य |
| महाविद्यालय अग्रेषण शुल्क (Forwarding Fee) | ₹30 |
चयनित महाविद्यालय/अग्रेषण केंद्र में भौतिक रूप से देय |
| अप्रवासन शुल्क (Immigration Fee) | ₹360 |
अन्य बोर्ड अथवा राज्य के बाहर से आने वाले छात्रों हेतु ऑनलाइन देय |
| उपनाम / नाम परिवर्तन शुल्क | ₹180 |
विवाहित महिला अथवा नाम संशोधन कराने वाले परीक्षार्थियों हेतु देय |
| विलंब शुल्क (यदि लागू हो) | ₹100 |
सामान्य तिथि समाप्त होने के पश्चात विस्तारित अवधि में लागू |
परीक्षा शुल्क की अंतिम राशि चयनित विषयों, विशेष रूप से प्रायोगिक विषयों की संख्या के आधार पर ऑनलाइन फॉर्म भरते समय स्वचालित रूप से परिकलित होती है। दृष्टिहीन तथा पूर्णतः दिव्यांग छात्रों के लिए परीक्षा शुल्क में विहित छूट का प्रावधान है, जिसके लिए उन्हें ऑनलाइन पूर्ण भुगतान के उपरांत सक्षम चिकित्सा प्रमाण-पत्र महाविद्यालय में प्रस्तुत कर प्रतिपूर्ति का आवेदन करना होता है।
तकनीकी पूर्व-शर्तें एवं आवश्यक अभिलेख
ऑनलाइन पंजीयन प्रारंभ करने से पूर्व परीक्षार्थियों को विधिक एवं तकनीकी आवश्यकताओं की पूर्ति सुनिश्चित करनी होती है।
सर्वप्रथम, केंद्र सरकार द्वारा अनिवार्य की गई अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स (ABC ID / APAAR ID) का निर्माण आवश्यक है। छात्र डिजीलॉकर पोर्टल अथवा abc.gov.in के माध्यम से अपना 12-अंकीय विशिष्ट पहचान पत्र प्राप्त करते हैं; इसके बिना पोर्टल पर पंजीकरण फॉर्म अग्रसर नहीं होता।
दस्तावेजी आवश्यकताओं के अंतर्गत अभ्यर्थी के पास निम्नलिखित स्व-प्रमाणित अभिलेख होने चाहिए:
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कक्षा 10वीं की अंकसूची (मूल जन्मतिथि सत्यापन हेतु)।
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कक्षा 12वीं (हायर सेकेंडरी) की मूल अंकसूची (अर्हता निर्धारण हेतु)।
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सक्षम प्राधिकारी द्वारा जारी छत्तीसगढ़ निवास प्रमाण पत्र।
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जाति प्रमाण पत्र (अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण व शुल्क रियायत हेतु)।
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प्रवजन प्रमाण पत्र (Migration Certificate) की मूल प्रति (CGBSE के अतिरिक्त अन्य बोर्ड के छात्रों हेतु)।
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विश्वविद्यालय की अकादमिक शाखा से जारी पात्रता प्रमाण पत्र (Eligibility Certificate)।
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अध्ययन अंतराल प्रमाण पत्र (Gap Certificate/Affidavit), यदि 12वीं उत्तीर्ण करने के उपरांत पढ़ाई में एक या अधिक वर्ष का अंतराल रहा हो।
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पासपोर्ट आकार का नवीनतम डिजिटल फोटो एवं स्पष्ट हस्ताक्षर (निर्धारित पिक्सल एवं केबी सीमा में)।
ऑनलाइन आवेदन एवं महाविद्यालयीन अग्रेषण प्रक्रिया
स्वाध्यायी छात्रों के लिए प्रवेश एवं पंजीयन प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल है, किंतु इसकी विधिक मान्यता महाविद्यालयीय भौतिक सत्यापन पर टिकी होती है। इस प्रक्रिया को छह सुव्यवस्थित चरणों में पूर्ण किया जाता है:
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उपयोगकर्ता खाता निर्माण (User ID Creation): अभ्यर्थी विश्वविद्यालय के आधिकारिक छात्र परीक्षा पोर्टल
exam.prsuuniv.inअथवाprsuuniv.inपर जाकर “Create User ID” विकल्प का चयन करते हैं। यहाँ छात्र का नाम, पिता का नाम, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी दर्ज की जाती है। यह नाम कक्षा 10वीं/12वीं के बोर्ड प्रमाण पत्रों के बिल्कुल अनुरूप होना चाहिए। -
प्रोफाइल एवं ABC ID का एकीकरण: लॉगिन करने के उपरांत अभ्यर्थी अपनी 12-अंकीय ABC ID दर्ज करते हैं। इसके बाद स्थाई पता, पत्राचार का पता, सामाजिक श्रेणी और शैक्षणिक अंकों का विवरण पोर्टल में प्रविष्ट किया जाता है।
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अग्रेषण केंद्र एवं पाठ्यक्रम चयन: छात्र अपने निवास जिले के अंतर्गत आने वाले अधिकृत संबद्ध शासकीय या अशासकीय महाविद्यालय को अपने अध्ययन एवं अग्रेषण केंद्र (Forwarding Center) के रूप में चुनते हैं। इसके पश्चात संकाय (बी.ए., बी.कॉम. अथवा बी.एससी.) का चयन किया जाता है।
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विषय संरचना का निर्धारण: राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार मुख्य (Major) एवं गौण (Minor) विषयों के चयन के साथ-साथ महाविद्यालय में उपलब्ध बहु-विषयक (GE), मूल्य-संवर्धित (VAC) तथा कौशल संवर्धन (SEC) पाठ्यक्रमों का सावधानीपूर्वक चयन किया जाता है।
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डिजिटल दस्तावेज अपलोड एवं शुल्क भुगतान: निर्धारित विनिर्देशों के अनुसार पासपोर्ट फोटो, हस्ताक्षर और अंकसूचियों की डिजिटल प्रतियां अपलोड की जाती हैं। विवरणों का पुनरीक्षण करने के पश्चात एकीकृत पेमेंट गेटवे से नेट बैंकिंग, डेबिट कार्ड या यूपीआई के माध्यम से निर्धारित पंजीयन व उपाधि शुल्क का ऑनलाइन भुगतान किया जाता है।
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हार्ड कॉपी मुद्रण एवं भौतिक सत्यापन: सफल भुगतान के पश्चात कंप्यूटर जनित पंजीयन सह परीक्षा फॉर्म और ई-रसीद का मुद्रण प्राप्त किया जाता है। इन प्रतियों के साथ सभी आवश्यक शैक्षणिक प्रमाण पत्रों, निवास प्रमाण पत्र, मूल माइग्रेशन और शपथ-पत्रों की स्व-प्रमाणित प्रतियां संलग्न कर संबंधित महाविद्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर जमा की जाती हैं। महाविद्यालय से विधिवत मुद्रित पावती प्राप्त करना अनिवार्य है।
विनियामक प्रतिबंध एवं संस्थागत अनुपालन
विश्वविद्यालय के शैक्षणिक अध्यादेशों और परीक्षा विनियमों के अनुसार स्वाध्यायी विद्यार्थियों पर कई संस्थागत प्रतिबंध और दायित्व लागू होते हैं:
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एकल पंजीयन का सिद्धांत: राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत प्रथम सेमेस्टर में पंजीकृत स्वाध्यायी छात्रों का नामांकन केवल एक ही बार किया जाता है। छात्रों को प्रत्येक आगामी सेमेस्टर (द्वितीय, तृतीय आदि) में नवीन पंजीयन कराने की आवश्यकता नहीं होगी; उन्हें केवल आगामी सत्रों में सीधे परीक्षा फॉर्म भरना होगा।
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केंद्र एवं महाविद्यालय परिवर्तन पर पूर्ण प्रतिबंध: स्वाध्यायी परीक्षार्थियों को शैक्षणिक सत्र के मध्य में महाविद्यालय अथवा अग्रेषण केंद्र बदलने की अनुमति किसी भी स्थिति में प्रदान नहीं की जाती। अतः प्रथम सेमेस्टर में केंद्र का चयन पूर्ण विचार-विमर्श के उपरांत ही किया जाना चाहिए।
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सतत आंतरिक मूल्यांकन (CIA) की अनिवार्यता: नई व्यवस्था के तहत स्वाध्यायी छात्रों को भी मुख्य परीक्षा के पूर्व निर्धारित तिथियों में संबंधित महाविद्यालय द्वारा आयोजित आंतरिक मूल्यांकन परीक्षाओं, दत्तकार्यों (Assignments) और सत्रीय प्रस्तुतियों में भाग लेना अनिवार्य है। इन अंकों को महाविद्यालय द्वारा विश्वविद्यालय के पोर्टल पर ऑनलाइन प्रेषित किया जाता है; इसमें अनुपस्थित रहने पर छात्र को अनुत्तीर्ण माना जा सकता है।
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प्रायोगिक कक्षाओं में भौतिक उपस्थिति: विज्ञान संकाय (B.Sc.) के स्वाध्यायी परीक्षार्थियों के लिए संबंधित महाविद्यालय द्वारा आयोजित प्रयोगशाला कार्यशालाओं में न्यूनतम निर्धारित उपस्थिति दर्ज कराना अनिवार्य है। इसके अभाव में छात्र को मुख्य प्रायोगिक परीक्षा में बैठने की अनुमति नहीं दी जाती।
प्रणालीगत विसंगतियाँ एवं समाधान प्रक्रिया
| संभावित तकनीकी अथवा प्रशासनिक समस्या | मूल कारण | निर्धारित आधिकारिक समाधान |
| पोर्टल पर महाविद्यालय का नाम प्रदर्शित न होना |
संबंधित महाविद्यालय में उस विषय समूह की निर्धारित स्वाध्यायी सीटें पूर्ण हो जाना अथवा पोर्टल त्रुटि। |
ब्राउज़र कैश साफ करें या वैकल्पिक अग्रेषण केंद्र का चयन करें। |
| शुल्क कटने के उपरांत रसीद जनरेट न होना | बैंक गेटवे और विश्वविद्यालय सर्वर के मध्य डेटा ट्रांसफर में विलंब। |
तत्काल दोबारा भुगतान न करें; 24 से 48 घंटे प्रतीक्षा करें अथवा UTR नंबर सहित |
| ABC ID मिसमैच एरर (डेटा असंतुलन) | आधार कार्ड, डिजिलॉकर और 10वीं की अंकसूची में नाम या जन्मतिथि में भिन्नता। |
डिजिलॉकर प्रोफाइल को आधार/बोर्ड रिकॉर्ड के अनुसार अद्यतन कर नई ABC ID जनरेट करें। |
| अन्य बोर्ड के छात्रों का आवेदन निरस्त होना |
विश्वविद्यालय से पात्रता प्रमाण पत्र अथवा मूल माइग्रेशन संलग्न न होना। |
विश्वविद्यालय की अकादमिक शाखा से पात्रता प्रमाण-पत्र बनवाकर मूल माइग्रेशन सहित कॉलेज में जमा करें। |
निष्कर्ष एवं विश्लेषणात्मक अवलोकन
पंडित रविशंकर शुक्ल विश्वविद्यालय, रायपुर के अंतर्गत शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए स्नातक प्रथम वर्ष (प्रथम सेमेस्टर) स्वाध्यायी प्रवेश प्रक्रिया राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अंतर्गत पूर्णतः पुनर्गठित की जा चुकी है। यह प्रक्रिया अब केवल दूरस्थ रूप से वार्षिक परीक्षा देने तक सीमित नहीं है, बल्कि डिजिटल नामांकन, अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स (ABC ID), निरंतर आंतरिक मूल्यांकन और संस्थागत प्रायोगिक सत्यापन का एक समन्वित ढांचा बन चुकी है।
विस्तारित अंतिम तिथि (10 अक्टूबर 2026) के आलोक में परीक्षार्थियों के लिए यह अत्यंत महत्वपूर्ण है कि वे ऑनलाइन आवेदन की औपचारिकता पूर्ण करने के साथ-साथ निर्धारित समय-सीमा के भीतर अपने अग्रेषण केंद्र में भौतिक सत्यापन सुनिश्चित करें। हार्ड कॉपी जमा न करने की स्थिति में डिजिटल पंजीयन स्वतः अमान्य हो जाता है। आगामी विषम सेमेस्टर (दिसंबर 2026 – जनवरी 2027) परीक्षाओं की समय-सारणी, प्रवेश पत्र तथा विषय-संशोधन से संबंधित सभी आधिकारिक अद्यतनों के लिए परीक्षार्थियों को केवल विश्वविद्यालय के अधिकृत पोर्टलों prsu.ac.in तथा exam.prsuuniv.in की आधिकारिक विज्ञप्तियों पर ही निर्भर रहना चाहिए।
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